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Nitish Kumar

बिहार सरकार ने रबी रथ महाभियान शुरू कर किसानों को योजनाओं के बारे में बताने का कार्य शुरू कर दिया

बिहार सरकार ने रबी रथ महाभियान शुरू कर किसानों को योजनाओं के बारे में बताने का कार्य शुरू कर दिया

बिहार सरकार ने किसानों की बेहतरी के लिए राज्य में रबी रथ महाभियान यात्रा (Rabi Rath Mahabhiyan) की शुरुआत करदी है। इसके माध्यम से किसानों को उनके हित में जारी की गयीं सभी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया जायेगा, जिससे की योजनाओं से किसान कुछ लाभ उठा सकें। बतादें कि किसान अनविज्ञता के कारण बहुत सारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। रबी रथ महाभियान के जरिये किसानों को अवशेषों के प्रबंधन के बारे में भी समाधान व सुझाव दिए जायेंगे। बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार (Nitish Kumar) द्वारा की गयी यह पहल किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी साथ ही बिहार सरकार के द्वारा किसानों के लिए बनायी गयी लाभकारी योजनाओं के बारे में भी पता चलेगा।
माननीय मुख्यमंत्री नितीश कुमार के कर-कमलों द्वारा प्रचार रथों को हरी झण्डी दिखाकर रबी महाभियान 2022 शुभारंभ 
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रबी रथ महाभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है ?

रबी रथ महाभियान बिहार सरकार द्वारा किसानों के हित में उठाया गया सराहनीय कार्य है, जिसके माध्यम से किसानों को फसल की सुरक्षा एवं संरक्षण से लेकर कृषि की आधुनिक एवं बेहतरीन तकनीकों के बारे में बताया जायेगा। साथ ही, आजकल पराली से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए किसानों को पराली अवशेष के प्रबंधन के सन्दर्भ में समझाया जायेगा। बिहार राज्य सरकार किसानों के हित में निरंतर कुछ न कुछ कार्य करती आयी है एवं रबी रथ महाभियान से सरकार अपनी कृषि सम्बंधित योजनाओं को प्रत्येक किसान तक पहुँचाने के लिए रबी रथ को बिहार के हर एक गली कूचे गाँव मोहल्ला कस्बा तक पहुँचा रही है।


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रबी रथ महाभियान से किसानों को कितना लाभ मिलेगा ?

रबी रथ महाभियान से किसानों को फसल करने की आधुनिक एवं लाभदायक तकनीक जैसे शेड नेट फार्मिंग इत्यादि हॉर्टिकल्चर तकनीकों को अपनाने से होने वाले लाभ के सन्दर्भ में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी। सरकार द्वारा इन तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए किसानों को कितना अनुदान मिलेगा इस बारे में भी किसानों को सूचित किया जायेगा। किसानों को समस्त फायदेमंद योजनाओं के बारे में बताया जायेगा। इसके साथ साथ किसान अपनी फसल सम्बंधित किसी भी समस्या को बताकर उसके समाधान का सुझाव ले सकते हैं।

बिहार में किसान चौपाल कब से प्रारम्भ होगी ?

बिहार सरकार राज्य के सभी ग्राम पंचायतों में किसान चौपाल लगाने जा रही है, जिसमें एल ई डी स्क्रीन (LED Screen) लगी गाड़ी के माध्यम से किसानों को फसल एवं अवशेष प्रबंधन (Crop Residue Management) सम्बंधित जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही, किसानों को फसल की आधुनिक किस्मों के बारे में बताया जाएगा एवं उनकी समस्याओं का भी समाधान दिया जायेगा। सरकार द्वारा किसान की उन्नति के लिए बनाई गयीं सभी योजनाओं के बारे में भी अवगत किया जायेगा और उनका किस प्रकार लाभ प्राप्त करना है, इसके बारे में भी किसानों को सम्पूर्ण जानकारी दी जाएगी।
1 अप्रैल को बिहार सरकार लांच करने जा रही है कृषि रोड मैप ; जाने किस तरह से होगा बदलाव

1 अप्रैल को बिहार सरकार लांच करने जा रही है कृषि रोड मैप ; जाने किस तरह से होगा बदलाव

बिहार सरकार प्रदेश का चौथा कृषि रोडमैप 1 अप्रैल को लॉन्च करने वाली है और माना जा रहा है कि यह बिहार के किसानों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी बनकर सामने आएगा. बिहार सरकार में से जुड़ी हुई सभी तरह की तैयारियां कर ली है. इस कृषि रोडमैप की अवधि को 5 साल रखा गया है और कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार इसमें फसल विविधीकरण,  पशु चिकित्सा,  उच्च खाद्यान्न उत्पादन और कृषि की बेहतर विपणन सुविधाओं की तरफ ध्यान दिया जाएगा. इसके अलावा 21 फरवरी को पटना में राज्य भर के किसानों और कृषकों के लिए एक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है जहां पर आने वाले रोड मैप में शामिल करने के लिए अलग-अलग तरह की आवश्यकता के बारे में किसानों से फीडबैक लिया जाएगा. फिलहाल राज्य की कृषि नीतियां रोड मैप तीसरे संस्करण में चल रहा है जिसे कोविड-19 के कारण मार्च 2023 तक बढ़ाकर आगे कर दिया गया था. सरकार के कृषि सचिव एन सरवण कुमार ने कहा है कि पिछले कुछ समय से वैज्ञानिकों और एक्सपर्ट के अलावा हितधारकों से भी फीडबैक लेने का प्रचलन चालू हो गया है/ सरकार द्वारा इस बार के कृषि रोड मैप में बाजरा तिलहन और दाल जैसे फसल के उत्पादन पर जोर देने की बात की जा रही है.

2007 में  लांच किया गया था पहला संस्करण

अधिकारियों से हुई बातचीत से पता चला है कि डिजिटल कृषि की ओर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा और इसके तहत किसानों को मौसम से जुड़े हुए ताजा अपडेट पहले ही मिल जाएंगे.इसके अलावा ड्रोन के माध्यम से यूरिया का उपयोग भी रोड मैप का एक अहम बिंदु माना जा रहा है. नैनो यूरिया एक प्रकार का उर्वरक है जिसे दानेदार उर्वरक की तुलना में ज्यादा लाभकारी माना गया है और साथ ही यह कम मात्रा में भी इस्तेमाल होता. ये भी पढ़े: किसान ड्रोन की सहायता से 15 मिनट के अंदर एक एकड़ भूमि में करेंगे यूरिया का छिड़काव इस रोड मैप के तहत कृषि विपणन पर भी काफी ध्यान दिया जाएगा और खाद्यान्न का ज्यादा से ज्यादा उत्पादन करना इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा. कृषि रोडमैप का पहला संस्करण नीतीश कुमार द्वारा 2007 में लांच किया गया था.